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अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बड़ा एक्शन: बिना अनुमति भारतीय लीग खेलने पर 3 खिलाड़ियों पर प्रतिबंध

Victor Jain · · 1 min read

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कड़ी कार्रवाई: तीन खिलाड़ियों पर लगा चार महीने का बैन

क्रिकेट की दुनिया में अनुशासन और बोर्ड के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने हाल ही में इसी बात को साबित कर दिया है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, ACB ने अपने तीन खिलाड़ियों पर भारी प्रतिबंध लगा दिया है। इन खिलाड़ियों ने बोर्ड की अनुमति के बिना भारत में आयोजित एक टी20 लीग में हिस्सा लिया था, जिसे बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन माना है।

बोर्ड द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत, संबंधित क्रिकेटरों पर चार महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। इस अवधि के दौरान, ये खिलाड़ी न तो किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे और न ही किसी घरेलू टूर्नामेंट में भाग ले सकेंगे। यह कदम उन खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है जो वैश्विक स्तर पर विभिन्न टी20 लीगों में अपनी किस्मत आजमाते हैं।

किन खिलाड़ियों पर गिरी गाज?

ACB ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए समीउल्लाह शिनवारी, आफ़ताब आलम और शहजाद मोहम्मद को प्रतिबंधित किया है। इन तीनों खिलाड़ियों ने भारत में खेली गई ‘लेजेंड्स लीग क्रिकेट’ (LLC) में शिरकत की थी। नियम के मुताबिक, किसी भी विदेशी लीग में खेलने के लिए खिलाड़ी को अपने राष्ट्रीय बोर्ड से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लेना अनिवार्य होता है, लेकिन इन खिलाड़ियों ने बिना NOC के इस लीग में खेलना स्वीकार किया।

दिलचस्प बात यह है कि समीउल्लाह शिनवारी की टीम, ‘रॉयल राइडर्स पंजाब’ ने इस लीग में जीत हासिल की थी। इसी टीम का हिस्सा असगर अफगान भी थे, लेकिन बोर्ड ने उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसका मुख्य कारण यह है कि असगर अफगान पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए उन पर बोर्ड के सक्रिय अनुबंध या NOC के नियम लागू नहीं होते।

प्रतिबंध के पीछे का असली कारण: भ्रष्टाचार का खतरा

ACB केवल NOC न लेने की वजह से नाराज नहीं है, बल्कि वह उस लीग की प्रकृति को लेकर भी चिंतित है जिसमें इन खिलाड़ियों ने भाग लिया। जाफर हान के एक ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि बोर्ड के सदस्यों का मानना है कि ‘लेजेंड्स लीग क्रिकेट’ को न तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा मान्यता प्राप्त है और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा।

बोर्ड का स्पष्ट कहना है कि ऐसी गैर-मान्यता प्राप्त लीगों में खेलने से “धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का उच्च जोखिम” बना रहता है। क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को ऐसे वातावरण से बचाना चाहता है जहाँ खेल की अखंडता खतरे में पड़ सकती है। इसी सुरक्षा और अनुशासन के कारण बोर्ड ने यह दंडात्मक कार्रवाई की है।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और मजबूरी

इस प्रतिबंध के बाद खिलाड़ियों की ओर से भी कुछ तर्क सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिबंधित खिलाड़ियों में से एक ने लीग शुरू होने से पहले ACB से संपर्क किया था और अनुमति मांगी थी। हालांकि, आरोप है कि बोर्ड के अधिकारियों ने NOC देने में बहुत देरी की और अंततः कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। चूंकि खिलाड़ियों ने लीग के कमिश्नर को अपनी प्रतिबद्धता दे रखी थी, इसलिए उनके पास खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

इसके अलावा, एक और कारण यह बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने काफी समय से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेला है। समीउल्लाह शिनवारी ने पिछले चार वर्षों से अफगानिस्तान के लिए कोई मैच नहीं खेला है, जबकि आफ़ताब आलम और शहजाद मोहम्मद ने आखिरी बार 2023 में देश का प्रतिनिधित्व किया था। इस वजह से उन्हें लगा कि शायद उन्हें बोर्ड की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

ACB की सख्त पॉलिसी और विदेशी लीगों पर सीमा

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों के प्रबंधन को लेकर दुनिया के सबसे सख्त बोर्ड्स में से एक माना जाता है। हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि कई अनुबंधित खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मुकाबले टी20 लीगों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए, ACB ने इस साल की शुरुआत में एक नया नियम लागू किया था।

नए नियमों के अनुसार, किसी भी अनुबंधित खिलाड़ी को एक साल में अधिकतम तीन विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव राशिद खान, नूर अहमद और रहमानुल्ला गुरबाज जैसे सितारों पर पड़ा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर इनकी मांग बहुत अधिक है। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी अपने देश की टीम के लिए उपलब्ध रहें और केवल पैसों के लिए लीग क्रिकेट को प्राथमिकता न दें।

कुल मिलाकर, यह घटना दर्शाती है कि ACB अपने अनुशासन और नियमों के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता, चाहे खिलाड़ी वर्तमान में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हो या न हो।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.