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“I’m still trying to find ways” – Ajit Agarkar makes honest admission about drop

Victor Jain · · 1 min read

अजीत अगरकर का ईमानदारी भरा बयान

भारतीय क्रिकेट में चयन समिति के अध्यक्ष की भूमिका हमेशा ही चुनौतियों से भरी होती है। हाल ही में मुंबई में आयोजित ईएसपीएनक्रिकइंफो अवार्ड्स समारोह के दौरान, भारतीय चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने एक ऐसी बात स्वीकार की जो हर किसी का ध्यान खींचने वाली थी। जब उनसे पूछा गया कि वे खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने का कठिन फैसला कैसे सुनाते हैं, तो उन्होंने बड़ी सादगी से कहा, “I’m still trying to find ways” – Ajit Agarkar makes honest admission about drop। यह बयान न केवल उनके पेशेवर रवैये को दर्शाता है, बल्कि उस मानसिक संघर्ष को भी उजागर करता है जो एक चयनकर्ता को हर दिन करना पड़ता है।

खिलाड़ियों को बाहर करने का मानसिक बोझ

अजीत अगरकर ने स्वीकार किया कि भारत जैसे बड़े देश में, जहाँ प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, किसी खिलाड़ी को यह बताना कि वह टीम का हिस्सा नहीं है, उनके काम का सबसे कठिन हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और वे अभी भी इसे बेहतर बनाने के तरीके खोज रहे हैं। उन्होंने मजाक और गंभीरता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कहा कि वे इस पर अभी भी काम कर रहे हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सफलता

भारतीय टीम ने 2026 आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में, भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों के बड़े अंतर से हराकर ट्रॉफी जीती। टूर्नामेंट के दौरान भारत का प्रदर्शन बेमिसाल रहा और पूरे सफर में उन्हें केवल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था।

चयनकर्ताओं की भूमिका और दबाव

समारोह में प्रस्तुतकर्ता दानिश सैत ने अगरकर से चयन से जुड़े कई तीखे सवाल किए। अगरकर ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि टीम चयन पर की गई टिप्पणियां अक्सर संदर्भ से बाहर हो जाती हैं, इसलिए उन्हें अपने शब्दों का चुनाव बहुत सावधानी से करना पड़ता है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे सावधान रहना होगा कि मैं क्या कहता हूं। चीजें संदर्भ से बाहर हो सकती हैं। हाँ, उस क्षण को फिर से जीना अच्छा था क्योंकि मैं वहां मौजूद था, और हाँ, उस टीम को चुनना सुखद था।”

खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

चयनकर्ताओं के फैसलों को खिलाड़ियों ने भी बखूबी साबित किया। संजू सैमसन ने टूर्नामेंट में 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता, जिसमें फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई उनकी 89 रनों की पारी यादगार रही। वहीं, जसप्रीत बुमराह ने फाइनल में 15 रन देकर 4 विकेट लिए और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। बुमराह 14 विकेटों के साथ टूर्नामेंट के संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। इसके अलावा, अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक जड़ा और ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई।

भविष्य की योजनाएं

जब उनसे आगामी चयन बैठकों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो अजीत अगरकर ने चालाकी से जवाब देते हुए कहा कि अभी चयन पर चर्चा करने का यह सही समय नहीं है, क्योंकि कुछ ही दिनों में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। दर्शकों के बीच हंसी के ठहाकों के साथ अगरकर ने अपनी बात समाप्त की। यह स्पष्ट है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य एक अनुभवी हाथों में है जो न केवल कड़े फैसले लेने में सक्षम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी बखूबी समझता है।

  • भारतीय टीम का 2026 टी20 वर्ल्ड कप में दबदबा।
  • अजीत अगरकर का चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शी रवैया।
  • खिलाड़ियों का बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन।
  • भविष्य के लिए भारतीय क्रिकेट की तैयारी।

अजीत अगरकर का यह साक्षात्कार इस बात का प्रमाण है कि क्रिकेट केवल मैदान पर खेला जाने वाला खेल नहीं है, बल्कि उसके पीछे एक जटिल चयन और प्रबंधन प्रणाली भी काम करती है जो भारत की जीत की नींव रखती है।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.