RCB captain Rajat Patidar gives a success mantra to his teammates ahead of IPL 2026 final
इतिहास रचने की दहलीज पर रजत पाटीदार
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने से केवल एक जीत दूर हैं। यदि RCB आगामी IPL 2026 फाइनल में गुजरात टाइटंस को हरा देती है, तो पाटीदार लगातार दो बार आईपीएल खिताब जीतने वाले तीसरे कप्तान बन जाएंगे। उनसे पहले केवल एमएस धोनी और रोहित शर्मा ने ही यह कारनामा किया है। हालांकि, पाटीदार किसी की बराबरी करने के बजाय अपनी खुद की विरासत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दबाव के बीच अपनी पहचान बनाए रखना
शनिवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, 32 वर्षीय कप्तान ने अपनी विचारधारा स्पष्ट की। RCB captain Rajat Patidar gives a success mantra to his teammates ahead of IPL 2026 final, जिसमें उन्होंने कहा, ‘हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है, लेकिन मैं खुद को बदलना नहीं चाहता। मैंने हमेशा इसी पर ध्यान दिया है। सिर्फ इसलिए कि मैं कप्तान हूं, मुझे कुछ अलग करने की जरूरत नहीं है।’ पाटीदार का मानना है कि उनकी सफलता का राज उनके स्वाभाविक खेल और नेतृत्व शैली में निहित है।
अनुभव और मार्गदर्शन का महत्व
पाटीदार ने स्वीकार किया कि वह विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से लगातार सीख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैदान के अंदर और बाहर आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिनसे मुझे बेहतरीन सुझाव मिलते हैं। मैं उन सुझावों को समझने और उन्हें लागू करने की पूरी कोशिश करता हूं।’
टीम प्रबंधन का पूर्ण समर्थन
RCB के कप्तान ने टीम प्रबंधन, विशेष रूप से एंडी फ्लावर और मो बोबाट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रबंधन उन्हें पूरी आजादी देता है और उन पर कभी कोई दबाव नहीं डालता। पाटीदार ने कहा, ‘प्रबंधन मुझे एक व्यक्ति के रूप में जानता है। वरिष्ठ खिलाड़ी भी मेरा साथ देते हैं। प्रबंधन और टीम के साथियों का समर्थन मुझे अपने ‘जोन’ में रहने में मदद करता है, जिससे मेरा प्रदर्शन बेहतर होता है।’
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
पाटीदार को युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना बेहद पसंद है। उन्होंने 2021 के अपने संघर्षों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह उस समय वरिष्ठ खिलाड़ियों की ओर देखते थे। अब, वह खुद युवाओं को वही सीख दे रहे हैं: ‘मैं उन्हें यही बताता हूं कि आपको किसी और की नकल करने की जरूरत नहीं है। आप यहां इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि आप इसके हकदार हैं। अपनी ताकतों पर ध्यान केंद्रित करें और केवल उस पर काम करें जो आपके नियंत्रण में है।’
भविष्य की योजनाओं पर विराम
जब उनसे भारतीय टीम की कप्तानी या भविष्य के बारे में पूछा गया, तो पाटीदार ने बहुत ही विनम्रता के साथ इसे खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वह फिलहाल टीम इंडिया का नेतृत्व करने या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। उनका पूरा ध्यान केवल गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले फाइनल मुकाबले पर है।
निष्कर्ष: एक शांत नेतृत्व का उदय
रजत पाटीदार का दृष्टिकोण स्पष्ट है: शांत रहें, अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखें और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दें। चाहे मुकाबला कितना भी बड़ा क्यों न हो, RCB के कप्तान का यह मंत्र उनकी टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। क्या पाटीदार लगातार दूसरे साल खिताब जीतकर इतिहास रच पाएंगे? इसका जवाब रविवार को मैदान पर मिलेगा। प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी यह सादगी और नेतृत्व कौशल RCB को एक और प्रतिष्ठित ट्रॉफी दिलाएगा।
