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Sanjiv Goenka rejected Rishabh Pant’s resignation as LSG captain, but a twist fo: जानिए अंदर की पूरी खबर

Victor Jain · · 1 min read

ऋषभ पंत के इस्तीफे के पीछे का असली सच

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और टीम अंक तालिका में सबसे निचले यानी 10वें स्थान पर रही। इस खराब प्रदर्शन के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन इस इस्तीफे की कहानी उतनी सीधी नहीं है जितनी दिखाई दे रही है। हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स ने इस मामले में एक नया मोड़ ला दिया है।

इंडिया टुडे के खेल पत्रकार निखिल नाज के अनुसार, ऋषभ पंत ने सीजन के अंत में नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के बीच में ही कप्तानी छोड़ने का फैसला कर लिया था। जब पंत ने पहली बार कप्तानी से हटने की इच्छा जताई, तो लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने उनके इस फैसले को खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद जो ट्विस्ट आया, उसने पूरी कहानी का रुख ही बदल दिया।

मध्य सत्र में कप्तानी छोड़ना चाहते थे पंत: क्या था पूरा ड्रामा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में निखिल नाज ने इस पूरे घटनाक्रम का विस्तार से खुलासा किया है। उनके अनुसार, जब आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 4 से 5 मैच बचे हुए थे, तब ऋषभ पंत टीम मैनेजमेंट और फ्रेंचाइजी के मालिक संजीव गोयनका के पास पहुंचे थे। पंत ने उनसे स्पष्ट रूप से कहा कि वह अब टीम की कप्तानी जारी नहीं रखना चाहते हैं।

हालांकि, संजीव गोयनका उस समय पंत के इस फैसले से सहमत नहीं थे। गोयनका का मानना था कि पैनिक में आकर या जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला टीम और खिलाड़ी दोनों के लिए सही नहीं होगा। गोयनका ने पंत को समझाते हुए कहा कि उतार-चढ़ाव खेल का हिस्सा हैं और एक खराब सीजन के कारण उन्हें इतना बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए। गोयनका की बात मानकर पंत उस समय तो वापस लौट गए, लेकिन कप्तानी छोड़ने का उनका इरादा नहीं बदला।

बार-बार मनाने के बाद भी नहीं माने ऋषभ पंत

संजीव गोयनका द्वारा पहली बार समझाए जाने के कुछ मैचों के बाद, ऋषभ पंत एक बार फिर फ्रेंचाइजी मालिकों के पास पहुंचे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘नहीं, मैंने अपना मन बना लिया है और मैं अब कप्तानी नहीं कर पाऊंगा।’ गोयनका ने एक बार फिर उन्हें मनाने की कोशिश की और कहा, ‘हम आपको टीम के दीर्घकालिक कप्तान के रूप में देखते हैं, इसलिए कृपया आप अपनी कप्तानी जारी रखें।’

लेकिन पंत अपने फैसले पर अडिग थे। सीजन के आखिरी चरण में, कोचिंग स्टाफ के साथ लंबी चर्चा करने के बाद, पंत ने अंतिम बार मैनेजमेंट को सूचित किया कि वह अब इस जिम्मेदारी को और आगे नहीं ले जा सकते। इस बार पंत की दृढ़ता को देखते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिकों के पास उनके फैसले को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। अंततः, सीजन समाप्त होने के बाद मैनेजमेंट ने पंत का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का लगातार तीसरा खराब सीजन

आईपीएल 2026 में एलएसजी का सफर किसी बुरे सपने जैसा रहा। हालांकि टीम ने सीजन की शुरुआत अच्छी की थी और अपने पहले तीन मैचों में से दो में जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके बाद टीम का प्रदर्शन पूरी तरह से बिखर गया। मध्य चरण में एलएसजी लगातार 6 मैच हार गई, जिसने उनके प्लेऑफ की उम्मीदों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया।

आखिरी पांच मैचों में से दो में जीत दर्ज करने के बावजूद, एलएसजी आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बनी। यह लगातार तीसरा सीजन था जब लखनऊ की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही। साल 2022 में लीग में शामिल होने के बाद अपने पहले दो सीजन (2022 और 2023) में प्लेऑफ का टिकट कटाने वाली इस टीम का ग्राफ पिछले तीन सालों में लगातार गिरा है, जिसने टीम मैनेजमेंट को बड़े बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।

27 करोड़ की भारी-भरकम कीमत और प्रदर्शन का भारी दबाव

ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने आईपीएल 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की ऐतिहासिक कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था। वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक बन गए थे। इतनी बड़ी रकम के साथ उम्मीदों और प्रदर्शन का जो भारी दबाव आता है, पंत शायद उसे संभाल नहीं पाए।

एक कप्तान के रूप में तो पंत असफल रहे ही, साथ ही एक बल्लेबाज के रूप में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उनके खराब शॉट सिलेक्शन और धीमी बल्लेबाजी की लगातार आलोचना होती रही।

आंकड़ों में ऋषभ पंत का निराशाजनक प्रदर्शन

अगर हम पिछले दो सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो ऋषभ पंत का प्रदर्शन उनकी क्षमता के अनुरूप बिल्कुल नहीं रहा है:

  • आईपीएल 2025: पंत ने 14 मैचों में केवल 269 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत मात्र 24 का रहा और स्ट्राइक रेट 133 का था। पूरे सीजन में उनके बल्ले से केवल एक शतक और एक अर्धशतक निकला था।
  • आईपीएल 2026: इस साल उनके आंकड़ों में मामूली सुधार जरूर हुआ, लेकिन वह अभी भी टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी था। उन्होंने 14 मैचों में 28 की औसत और 136 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल था।
  • कुल आंकड़े (2025-2026): दो सीजन मिलाकर पंत ने 28 मैचों में 26 की औसत और 136 के स्ट्राइक रेट से कुल 581 रन बनाए हैं।

आईपीएल 2025 and 2026 दोनों सीजन में अपनी-अपनी टीमों के लिए पूर्णकालिक कप्तानी करने वाले 7 विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऋषभ पंत का बल्लेबाजी औसत सबसे कम रहा है, जबकि उनका स्ट्राइक रेट दूसरा सबसे खराब रहा। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि पंत कप्तानी के बोझ तले अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी भी खो चुके थे।

आगे की राह: एलएसजी और ऋषभ पंत का भविष्य

ऋषभ पंत के कप्तानी से हटने के फैसले के बाद अब लखनऊ सुपर जायंट्स को आईपीएल 2027 के लिए एक नए नेतृत्वकर्ता की तलाश करनी होगी। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने मुख्य कोच जस्टिन लैंगर और उप-कप्तान निकोलस पूरन को बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे यह साफ है कि टीम पूरी तरह से बिखरना नहीं चाहती है बल्कि एक नए दृष्टिकोण के साथ वापसी करना चाहती है। पंत के लिए भी यह एक मौका होगा कि वह बिना किसी अतिरिक्त दबाव के केवल अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अपने पुराने आक्रामक अंदाज में वापसी कर सकें।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.