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IPL 2026 Final hit by smart glasses scare as Anti-Corruption Unit issues warning – IPL 2026: एंटी-करप्शन यूनिट की स्मार्ट चश्मों पर चेतावनी

Victor Jain · · 1 min read

IPL 2026: तकनीक और खेल की अखंडता के बीच बढ़ती चुनौती

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का मंच हमेशा से नवाचार और रोमांच का केंद्र रहा है, लेकिन खेल की निष्पक्षता बनाए रखना BCCI के लिए हमेशा से प्राथमिकता रही है। IPL 2026 के मौजूदा सीजन के बीच, एंटी-करप्शन यूनिट (ACSU) ने खिलाड़ियों और टीम के स्टाफ को एक नई चेतावनी जारी की है। इस बार निशाना स्मार्ट वियरेबल्स जैसे स्मार्ट चश्मे (smart glasses) और उन्नत स्मार्ट घड़ियाँ हैं, जो क्रिकेट के मैदान की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए खतरा बन सकती हैं।

नियमों का दायरा और कारण

IPL के नियमों के अनुसार, मैदान के प्रतिबंधित क्षेत्रों में कोई भी संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। ACSU ने पाया है कि बाजार में उपलब्ध कई आधुनिक स्मार्ट चश्मे और घड़ियाँ न केवल लाइव-स्ट्रीमिंग करने में सक्षम हैं, बल्कि उनसे टेक्स्ट मैसेज भेजने, ऑडियो-वीडियो कॉल करने और मोबाइल डेटा या वाई-फाई के माध्यम से बाहरी दुनिया से जुड़ने में भी मदद मिलती है।

इन उपकरणों को IPL के ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया’ (PMOA) मिनिमम स्टैंडर्ड्स के तहत ‘ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस’ और ‘कम्युनिकेशन डिवाइस’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्पॉट फिक्सिंग जैसी अनैतिक गतिविधियों को रोकना और खेल की अखंडता को सुरक्षित रखना है।

PMOA और सुरक्षा प्रोटोकॉल

PMOA स्टेडियम के वे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र हैं जहाँ केवल खिलाड़ियों, कोचों, अंपायरों और एंटी-करप्शन अधिकारियों को जाने की अनुमति होती है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत संचार खेल के परिणामों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यहाँ कड़े प्रोटोकॉल लागू हैं। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा डग-आउट में फोन के उपयोग का मामला सामने आया था, जिस पर BCCI ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जुर्माना लगाया था। इस घटना के बाद से ही बोर्ड और भी अधिक सतर्क हो गया है।

बदलती तकनीक और बढ़ते जोखिम

आधुनिक तकनीक ने संचार के तरीके बदल दिए हैं। पहले केवल मोबाइल फोन तक सीमित रहने वाली पाबंदी अब स्मार्ट वियरेबल्स तक विस्तृत हो गई है। ACSU के अनुसार, कुछ कंपनियां खिलाड़ियों और टीम के कर्मियों को स्मार्ट आईवियर उत्पादों के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, जो सीधे तौर पर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं।

टीमों के लिए निर्देश

ACSU ने सभी टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल अपने खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि नेट गेंदबाजों, लॉजिस्टिक्स स्टाफ और थ्रोडाउन विशेषज्ञों का भी ध्यान रखें। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि ये सभी लोग स्वीकृत प्रोटोकॉल का पालन करें और संवेदनशील क्षेत्रों में कोई भी अनधिकृत डिवाइस न ले जाएं।

निष्कर्ष

खेल के प्रति बढ़ती व्यावसायिक रुचि और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच, ACSU का यह कदम समय की मांग है। IPL दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंटों में से एक है और इसकी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह के कड़े कदम उठाए जाना आवश्यक है। बोर्ड का प्रयास है कि तकनीक का लाभ खेल की गुणवत्ता सुधारने के लिए तो लिया जाए, लेकिन किसी भी स्थिति में इसे भ्रष्टाचार का माध्यम न बनने दिया जाए।

भविष्य में, जैसे-जैसे तकनीक और विकसित होगी, क्रिकेट के नियमों में और भी बदलाव देखे जा सकते हैं, लेकिन मुख्य लक्ष्य हमेशा वही रहेगा—मैदान पर निष्पक्ष और ईमानदार मुकाबला।

Victor Jain

Victor Jain is one of the most recognisable bilingual voices in Indian cricket, serving as a senior Hindi commentator for JioCinema and a columnist for The Caravan. A history graduate from the University of Delhi, Victor brings an archival depth to his analysis, often unearthing forgotten tales from India’s pre‑IPL cricketing heritage. He splits his time between the commentary box and the editing suite, having produced acclaimed short documentaries on the rise of the Women’s Premier League and the fast‑bowling culture in Delhi's club circuit. His work spans live match calling on billion‑strong digital platforms, long‑form features, and media rights commentary, always delivered with a distinctive blend of old‑school reverence and new‑age candour. Victor often says he learned more about cricket from the radio commentaries of the 1990s than any coaching manual — a philosophy that shapes his immersive, story‑driven style.