ICC के नियमों में बड़ा बदलाव: एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी गेंद का होगा इस्तेमाल?
क्रिकेट के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में ICC
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) आने वाले समय में क्रिकेट के खेल को अधिक रोमांचक और लचीला बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों पर विचार कर रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेड-बॉल (लाल गेंद), व्हाइट-बॉल (सफेद गेंद) और पिंक-बॉल (गुलाबी गेंद) क्रिकेट की प्लेइंग कंडीशंस में बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है। इन प्रस्तावों में टी20 पारियों के बीच के समय में कटौती और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मुख्य कोच के मैदान पर प्रवेश जैसे मुद्दे शामिल हैं।
एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी गेंद का प्रयोग
इन सभी संभावित बदलावों में सबसे चर्चित मुद्दा टेस्ट क्रिकेट में गेंद के रंग को लेकर है। अब तक, टेस्ट क्रिकेट पारंपरिक रूप से लाल गेंद के साथ खेला जाता रहा है, जबकि डे-नाइट टेस्ट मैचों के लिए गुलाबी गेंद का उपयोग किया जाता है। हालांकि, ICC अब ऐसी संभावना तलाश रही है जहां एक ही पारंपरिक टेस्ट मैच के दौरान लाल और गुलाबी गेंद दोनों का इस्तेमाल हो सके।
क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि खराब रोशनी या मौसम के कारण खेल प्रभावित होता है और दोनों टीमें सहमत होती हैं, तो वे खेल को जारी रखने के लिए लाल गेंद के बजाय गुलाबी गेंद का उपयोग कर सकती हैं। यह कदम विशेष रूप से उन परिस्थितियों में मददगार साबित हो सकता है जहां रोशनी कम होने के कारण अंपायरों को खेल रोकना पड़ता है।
परिवर्तन के लिए आपसी सहमति अनिवार्य
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गेंद बदलने का निर्णय पूरी तरह से ‘आपसी सहमति’ पर निर्भर होगा। यदि दोनों में से कोई भी टीम इसके लिए तैयार नहीं होती, तो खराब रोशनी के बावजूद गुलाबी गेंद का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस बड़े बदलाव के कार्यान्वयन से जुड़ी बारीकियां अभी तैयार की जा रही हैं और मई के अंत में अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड की बैठक में इस पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।
कोच की भूमिका में बड़ा बदलाव
गेंद के रंग के अलावा, ICC एक और महत्वपूर्ण नियम पर चर्चा कर रही है जो ड्रिंक्स ब्रेक से संबंधित है। वर्तमान में, केवल प्रतिस्थापन खिलाड़ी (substitute players) ही ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर जा सकते हैं। प्रस्तावित बदलावों के तहत, अब मुख्य कोचों को भी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या कोच को टीम की जर्सी पहनना अनिवार्य होगा या नहीं। वनडे क्रिकेट में प्रत्येक पारी में एक घंटे दस मिनट के अंतराल पर दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं, और यह बदलाव विशेष रूप से इसी प्रारूप में देखने को मिल सकता है।
टी20 मैचों में पारियों के बीच कम होगा समय
खेल की गति को और तेज करने के लिए, ICC टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पारी के ब्रेक को कम करने का प्रस्ताव भी दे रही है। वर्तमान नियम के अनुसार, दो पारियों के बीच 20 मिनट का अंतराल होता है। अब ICC इसे घटाकर 15 मिनट करने पर विचार कर रही है, ताकि टीमें जल्दी वापस मैदान पर लौट सकें और मैच का प्रवाह बना रहे।
ICC नियमों में बदलाव की प्रक्रिया
यह समझना आवश्यक है कि ICC अपने नियमों या ‘प्लेइंग कंडीशंस’ में बदलाव कैसे करती है। यह एक व्यवस्थित और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है:
- क्रिकेट समिति (Cricket Committee): पूर्व क्रिकेटरों, अंपायरों और कोचों से बनी यह समिति समस्याओं की पहचान करती है और बदलाव का प्रस्ताव तैयार करती है।
- मुख्य कार्यकारी समिति (CEC): यह समिति प्रस्तावों की व्यवहार्यता, निष्पक्षता और वैश्विक प्रभाव पर बहस करती है और मतदान के माध्यम से उन्हें मंजूरी या अस्वीकार करती है।
- ICC बोर्ड: अंत में, ये सिफारिशें ICC बोर्ड के पास अंतिम अनुमोदन के लिए जाती हैं, जहां पूर्ण सदस्य राष्ट्रों और सहयोगी सदस्यों के प्रतिनिधियों की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाता है।
एक बार नियम स्वीकृत हो जाने के बाद, ICC उन्हें लागू करने के लिए एक विशिष्ट समय-सीमा निर्धारित करती है, जो आमतौर पर किसी नई द्विपक्षीय श्रृंखला या किसी प्रमुख टूर्नामेंट की शुरुआत से प्रभावी होती है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए ये बदलाव खेल को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं, जिससे खेल का अनुभव और अधिक आधुनिक बनेगा।
