क्या बुमराह के साथ भी ऐसा बर्ताव होगा? वसीम जाफर ने अजीत अगरकर पर साधा निशाना
भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर विवाद: वसीम जाफर का बड़ा बयान
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से चयन समिति के फैसलों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस कड़ी में अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। मामला अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की लगातार हो रही अनदेखी से जुड़ा है, जिन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट मैच के लिए भी नहीं चुना गया है।
शमी की अनदेखी पर जाफर का कड़ा रुख
मोहम्मद शमी ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। इसके बावजूद, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। बंगाल को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में शमी की भूमिका अहम रही थी। वसीम जाफर का मानना है कि शमी जैसे गेंदबाज के साथ ऐसा बर्ताव कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अजीत अगरकर के उस तर्क को ‘बकवास’ करार दिया, जिसमें कहा गया था कि शमी केवल छोटे प्रारूप (T20) के लिए फिट हैं।
जाफर ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘यह तर्क पूरी तरह से गलत है। हम मोहम्मद शमी जैसे दिग्गज खिलाड़ी की बात कर रहे हैं और उनके साथ ऐसा बर्ताव अपमानजनक है। चयनकर्ताओं को उनकी अनदेखी के पीछे स्पष्ट कारण बताना चाहिए, न कि बहाने बनाने चाहिए। शमी ने अकेले दम पर बंगाल को रणजी सेमीफाइनल तक पहुंचाया है। उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व किया है।’
आंकड़े जो चयनकर्ताओं पर सवाल उठाते हैं
मोहम्मद शमी का प्रदर्शन उनके आलोचकों को करारा जवाब देता है। उन्होंने 7 रणजी ट्रॉफी मैचों में 37 विकेट चटकाए। इसके अलावा, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 और विजय हजारे ट्रॉफी में 15 विकेट लेकर उन्होंने अपनी फिटनेस और फॉर्म का प्रमाण दिया है। बावजूद इसके, उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
बुमराह और शमी: क्या दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं?
वसीम जाफर ने शमी और जसप्रीत बुमराह के बीच तुलना करते हुए चयनकर्ताओं के दोहरे रवैये पर चोट की। उन्होंने पूछा, ‘अगर बुमराह फिट नहीं होते और फिर वापसी करते, तो क्या आप उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार करते? मोहम्मद शमी का स्तर बुमराह के ही बराबर है। दुनिया का कोई भी बड़ा बल्लेबाज शमी को शीर्ष गेंदबाजों में गिनेगा। उनके साथ हो रहा यह अन्याय वास्तव में निराशाजनक है।’
वर्तमान में जसप्रीत बुमराह भी अपने करियर के चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। बुमराह आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे हैं, लेकिन उनका फॉर्म फिलहाल चिंता का विषय बना हुआ है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से बुमराह की गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आई है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
निष्कर्ष: पारदर्शिता की जरूरत
दूसरी ओर, मोहम्मद शमी फिलहाल लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं और आईपीएल 2026 में 12 मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में अपनी पकड़ मजबूत रखनी है, तो शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
वसीम जाफर का यह बयान भारतीय क्रिकेट के गलियारों में हलचल पैदा करने के लिए काफी है। क्या चयनकर्ता भविष्य में अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करेंगे, या यह विवाद आगे भी जारी रहेगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन एक बात साफ है कि प्रशंसकों और विशेषज्ञों को टीम चयन में अधिक पारदर्शिता और स्पष्टता की उम्मीद है।
