Who Is Saurabh Dubey: जानिए कौन हैं KKR के सौरभ दुबे, जिन्होंने रोहित शर्मा को आउट कर मचाया तहलका
KKR vs MI मुकाबला: ईडन गार्डन्स में सौरभ दुबे का धमाका
कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और मुंबई इंडियंस (MI) की टीमें आमने-सामने थीं। फैंस भारी संख्या में स्टेडियम पहुंचे थे, खासकर अपने पसंदीदा खिलाड़ी रोहित शर्मा को बल्लेबाजी करते देखने के लिए। लेकिन केकेआर के नए तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने मुंबई इंडियंस के फैंस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिला। अजिंक्य रहाणे का यह फैसला केकेआर के लिए सोने पे सुहागा साबित हुआ, क्योंकि मुंबई इंडियंस ने पावरप्ले के भीतर ही अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। इस बीच, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने रोहित शर्मा का बहुमूल्य विकेट लेकर इंटरनेट पर तहलका मचा दिया।
रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के विकेट के बाद ट्रेंड हुए सौरभ दुबे
पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। सबसे पहले ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने तीसरे ओवर में मुंबई को दोहरा झटका दिया। ग्रीन ने एक ही ओवर में रयान रिकेलटन और नमन धीर को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद सभी की नजरें ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा पर टिकी थीं, जो शानदार लय में दिख रहे थे। रोहित ने अपनी पारी में दो शानदार छक्के भी लगाए और वह बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे।
लेकिन पारी के चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर 28 वर्षीय तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने मैच का पासा पलट दिया। उन्होंने रोहित शर्मा को अपनी जाल में फंसाया। रोहित ने एक शॉट को गलत टाइम किया, जिसके बाद गेंद हवा में काफी ऊपर चली गई। वहां मौजूद कैमरन ग्रीन ने दौड़ते हुए एक बेहतरीन कैच लपका और रोहित शर्मा की पारी का अंत कर दिया। इस बड़े विकेट के बाद सोशल मीडिया पर सौरभ दुबे का नाम तेजी से ट्रेंड होने लगा और हर कोई इस गेंदबाज के बारे में जानने के लिए उत्सुक हो गया।
आखिर कौन हैं सौरभ दुबे? (Who Is Saurabh Dubey)
अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि सौरभ दुबे कौन हैं, तो आपको बता दें कि वह महाराष्ट्र के वर्धा के रहने वाले हैं। घरेलू क्रिकेट में वह विदर्भ की टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। 28 साल के सौरभ दुबे ने अब तक बहुत अधिक घरेलू क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन उन्होंने पहली बार सुर्खियां तब बटोरी थीं जब उन्हें 2019 के इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के लिए भारत-ए (India A) टीम में चुना गया था।
2019 के इस टूर्नामेंट के लिए वह भारतीय टीम के साथ बांग्लादेश गए थे। हालांकि, वहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बहुत अधिक मौका नहीं मिला और वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। इसके बाद उन्हें घरेलू क्रिकेट में अपनी बारी का इंतजार करने के लिए दो साल का लंबा वक्त लगा।
घरेलू क्रिकेट में संघर्ष और उतार-चढ़ाव भरा सफर
सौरभ दुबे को आखिरकार साल 2021 की विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला, लेकिन इस टूर्नामेंट में भी वह केवल तीन मैचों में ही हिस्सा ले पाए। पिछले कुछ वर्षों में, सौरभ ने विदर्भ प्रो टी20 लीग, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2023 और यूपी टी20 लीग 2023 जैसे विभिन्न टूर्नामेंटों में भाग लिया। हालांकि, इन तमाम घरेलू फ्रेंचाइजियों और टूर्नामेंटों में खेलने के बावजूद वह किसी भी टीम में अपनी स्थायी जगह पक्की करने में असमर्थ रहे। उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की हमेशा से ही टी20 क्रिकेट में काफी मांग रही है। उनके नेचुरल एंगल से बाहर जाती गेंदें बल्लेबाजों के लिए हमेशा से ही परेशानी का सबब बनती हैं। सौरभ दुबे भी इसी श्रेणी के गेंदबाज हैं और उन्होंने अपनी इसी ताकत के दम पर आखिरकार आईपीएल के बड़े मंच पर खुद को साबित किया।
आईपीएल में एंट्री और केकेआर के साथ जादुई सफर
सौरभ दुबे का आईपीएल का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने पहली बार साल 2022 में आईपीएल में कदम रखा था, जब सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि, पूरे सीजन के दौरान उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और आईपीएल 2023 की नीलामी से पहले सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें रिलीज कर दिया।
इसके बाद आईपीएल 2026 की मेगा नीलामी में सौरभ दुबे अनसोल्ड रहे थे। नीलामी के दौरान किसी भी फ्रेंचाइजी ने इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को खरीदने में रुचि नहीं दिखाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वह चोटिल तेज गेंदबाज आकाश दीप के रिप्लेसमेंट के रूप में केकेआर की टीम में शामिल हुए।
दरअसल, आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को एक बड़ा झटका लगा था जब उनके स्टार तेज गेंदबाज आकाश दीप चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। केकेआर प्रबंधन ने उनके विकल्प के तौर पर सौरभ दुबे पर भरोसा जताया और उन्हें अपनी टीम में शामिल किया, जो अंततः टीम के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।
