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क्या शुभमन गिल ने छीनी ऋषभ पंत की उप-कप्तानी? परिवार ने लगाए राजनीति के आरोप

Navdeep Sandhu · · 1 min read

क्या शुभमन गिल ने छीनी ऋषभ पंत की उप-कप्तानी? परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला जब विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस ले ली गई। उनके खराब फॉर्म को इसका मुख्य कारण बताया गया, लेकिन अब उनके परिवार की ओर से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस फैसले के पीछे कप्तान शुभमन गिल की ‘राजनीति’ का हाथ हो सकता है। यह घटनाक्रम क्रिकेट हलकों में नई बहस और अटकलों को जन्म दे रहा है।

ऋषभ पंत की उप-कप्तानी और प्रदर्शन का उतार-चढ़ाव

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम एक बड़े संक्रमण काल से गुजरी। इसी दौरान, भविष्य के नेतृत्व को ध्यान में रखते हुए, ऋषभ पंत को टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया था। उन्हें युवा और आक्रामक खिलाड़ी के रूप में देखा गया, जिसमें टीम को आगे ले जाने की क्षमता थी। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन तीनों प्रारूपों में लगातार नहीं रहा है। उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे, खासकर टेस्ट क्रिकेट में, जहां उप-कप्तान के रूप में उनसे लगातार प्रदर्शन की उम्मीद थी। इसी अनियमित प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं को उनसे नेतृत्व की भूमिका छीनने का कठोर निर्णय लेना पड़ा। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए कठिन समय होता है, खासकर जब आप टीम के उप-कप्तान जैसी महत्वपूर्ण भूमिका में हों।

शुभमन गिल पर परिवार का इशारा: राजनीति के आरोप

बीसीसीआई ने जब अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के एकमात्र टेस्ट के लिए टीम की घोषणा की, तो यह स्पष्ट हो गया कि केएल राहुल को आधिकारिक तौर पर ऋषभ पंत की जगह उप-कप्तान बनाया गया है। लेकिन इस घोषणा के बाद पंत के परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ जोड़ दिया। सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम रील वायरल हुई, जिसमें सीधे तौर पर कप्तान शुभमन गिल पर ‘पीठ पीछे राजनीति’ करने का आरोप लगाया गया। इस वीडियो में दावा किया गया कि गिल ने जानबूझकर राहुल का उप-कप्तान के रूप में समर्थन किया ताकि पंत के भविष्य की कप्तानी के खतरे को खत्म किया जा सके। रील में तर्क दिया गया कि ऋषभ पंत को अक्सर भविष्य के टेस्ट कप्तान के रूप में देखा जाता है, जबकि केएल राहुल की उम्र को देखते हुए उन्हें इस दौड़ में शामिल नहीं माना जाता। हालांकि, यह सिर्फ एक साधारण षड्यंत्र सिद्धांत था जिसके पास कोई ठोस सबूत या विश्वसनीय जानकारी नहीं थी। अक्सर ऐसी सनसनीखेज रील्स हजारों लाइक्स और व्यूज बटोर लेती हैं, लेकिन जिसने सबका ध्यान खींचा, वह यह था कि ऋषभ पंत की बहन, साक्षी पंत ने इस रील को लाइक किया था। इस ‘लाइक’ ने यह सुझाव दिया कि पंत का परिवार भी इस कहानी पर विश्वास करता है कि गिल ने उप-कप्तानी के मामले में राजनीति की है। हालांकि, न तो ऋषभ पंत और न ही साक्षी ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है। यह चुप्पी इस विवाद को और गहरा कर रही है, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है।

विवाद पर फैंस की प्रतिक्रियाएं

जैसे ही साक्षी पंत ने उस रील को लाइक किया, सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस के बीच एक बड़ा हंगामा मच गया। फैंस दो धड़ों में बंट गए। कुछ फैंस ऋषभ पंत और उनके परिवार के साथ खड़े दिखे, उनका कहना था कि उनकी नाराजगी जायज है क्योंकि विकेटकीपर को उप-कप्तानी से नहीं हटाया जाना चाहिए था। उन्होंने पंत के अतीत के कई मैच-विनिंग प्रदर्शनों का हवाला दिया और तर्क दिया कि एक खिलाड़ी को केवल खराब फॉर्म के आधार पर नेतृत्व की भूमिका से हटाना गलत है। वहीं, फैंस का एक बड़ा हिस्सा यह भी मानता है कि बीसीसीआई ने सही फैसला लिया है। उनका तर्क है कि 2025 में इंग्लैंड के भारत दौरे को छोड़कर, पंत ने लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, जिसके कारण उन्हें एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीमों से भी बाहर कर दिया गया था। फॉर्म में निरंतरता की कमी को देखते हुए, उप-कप्तान जैसी महत्वपूर्ण भूमिका में बदलाव आवश्यक था। इसके अतिरिक्त, शुभमन गिल के फैंस भी इस विवाद से काफी आहत हुए। उनका मानना था कि यह सिर्फ कप्तान को बदनाम करने का एक एजेंडा है, खासकर जब उन पर टीम के नेतृत्व को लेकर दबाव बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर #StandWithGill और #JusticeForPant जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला केवल एक खिलाड़ी के पद छिनने से कहीं अधिक गहरा है।

अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की पूरी ताकत वाली टीम

इन सभी विवादों के बावजूद, बीसीसीआई ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए एक मजबूत टीम चुनने का फैसला किया है। भले ही यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) चक्र का हिस्सा नहीं है, चयनकर्ताओं ने टीम की गहराई और बेंच स्ट्रेंथ का प्रदर्शन करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। शुभमन गिल टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि घरेलू क्रिकेट में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद देवदत्त पडिक्कल को राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका मिला है। हर्ष दुबे और गुरनूर बरार को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया है, जो उनके उत्कृष्ट घरेलू प्रदर्शन का प्रमाण है। दूसरी ओर, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह को उनके कार्यभार को प्रबंधित करने के लिए आराम दिया गया है, ताकि वे आगामी महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं के लिए फिट और तरोताजा रह सकें। मोहम्मद शमी और आकिब नबी को टीम में जगह नहीं मिली क्योंकि बीसीसीआई का मानना है कि वे अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। यह चयन दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट 6 जून को चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच जहां एक ओर युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देगा, वहीं दूसरी ओर टीम के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति पर भी सबकी नजरें रहेंगी।

अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारत का स्क्वाड:

  • शुभमन गिल (कप्तान)
  • यशस्वी जायसवाल
  • केएल राहुल (उप-कप्तान)
  • साई सुदर्शन
  • ऋषभ पंत
  • देवदत्त पडिक्कल
  • नीतीश कुमार रेड्डी
  • वाशिंगटन सुंदर
  • कुलदीप यादव
  • मोहम्मद सिराज
  • प्रसिद्ध कृष्णा
  • मानव सुथार
  • गुरनूर बरार
  • हर्ष दुबे
  • ध्रुव जुरेल
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Navdeep Sandhu

Navdeep Sandhu is a seasoned expert in sports journalism, specializing in the world of cricket. With deep insights into match strategies and major tournaments, he consistently provides readers with sharp analysis, breaking news, and unique perspectives on the Indian cricket market. At Cricket News Flash, Navdeep oversees content curation, ensuring every article meets the highest standards of accuracy and engagement.